Dipawali: दीपावली कब है ।पूजा विधि ,मुहूर्त

हेलो दोस्तो मैं अपने इस आर्टिकल में बताऊंगा की दीपावली कब है। दीपाली का त्यौहार पूरे भारत धूम धाम से मनाया जाता है हिंदु धर्म में इस त्यौहार का विशेष महत्व माना गया है। दीपावली की तैयारी कुछ दिन पहले से ही किया जाता है सभी लोग अपने घरों को रंगाई पुताई ,साफ सुथरा करने लगते है इस बार दीपावली 12 नवम्बर 2023 को मनाया जायेगा। दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है कार्तिक माह के अमावस्या के दिन मनाई जाती है।एसा कहा जाता हा की प्रदोषकाल में देवी लक्ष्मी की पूजा करने से धन वैभव की प्राप्ति मिलती है। प्रदोषकाल के रात में ही देवी लक्ष्मी धरती पर घूमने आती है इस शुभ घड़ी में मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी जी का वास होता है

दिवाली क्यों मनाया जाता है।

भगवान राम अपने 14 वर्ष की वनवास की अवधि पूरा करने के बाद अयोध्या लौटने के रूप में मनाया जाता है।कहा जाता है जब भगवान राम अपने 14 वर्ष वनवास का समय पूरा होने के बाद अयोध्या लौट रहे थे इसकी सूचना पा कर पूरे अयोध्या वासी भगवान राम की स्वागत के लिए पूरे राज्य में दीपक जलाए थे। इस दिन मां सरस्वती मां लक्ष्मी और गणेश जी का भी पूजा किया जाता है। माता लक्ष्मी विष्णु भगवान के अर्धांगिनी है इस लिए मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा किया जाता है

दीपावली के दिन क्या क्या नही करनी चाहिए।

दिपावली के दिन सबसे पहल घर को अंदर से साफ कर लेना चाहिए इस दिन मांसाहारी भोजन नही करनी चाहिए गरीब लोगो की सहायता करनी चाहिए ।दीपावली के रात में कई लोग तास,जुआ खेलते है है एसा बिलकुल नहीं करनी चाहिए।इसे माता दुखित हो जाती है। कई लोग दारू शराब का भी सेवन कर लेते है।गंदे कपड़े पहने से बचना चाहिए

दीवाली के दिन इन चीजों का खरीदना शुभ ,अशुभ माना जाता है

दीपावली पर बहुत लोग अनेक प्रकार के समान खरीदते है,मगर हमारे घरों में कई ऐसे समान है जिन्हे हम खरीदना भूल जाते है दीवाली के दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना गया है। दीवाली पर खरीदारी करना शुभ माना जाता है। कितने लोग आभूषण ,पीतल के बर्तन,चांदी के बर्तन, स्टील का बर्तन खरीदते है l परंतु झाड़ू एक ऐसी वस्तु है जो हमेशा से आपका साथ देती है चाहे कोई भी चीज साफ करनी हो झाड़ू की जरूरत हमेशा परती है दीपावली के दिन झाड़ू खरीदने के बाद उसके अगले दिन उपयोग में लाना चाहिए झाड़ू का अपमान कभी नही करना चाहिए।कहा जाता है की झाड़ू के अपमान करने पर घर आई लक्ष्मी भाग जाती है क्यों की झाड़ू में माता लक्ष्मी जी वास होता है झाड़ू शनिवार के दिन नही खरीदनी चाहिए इसे अशुभ माना गया है कई लोग झाड़ू को खरा कर के रखते है और झाड़ू पुराण होने पर जला भी देते है झाड़ू को खुला ना रखे , लात ना मारे ये सब असुभ माना गया है

लक्ष्मी जी का भोग,पूजा विधि मुहूर्त जाने

दीपावली

गणेश लक्ष्मी पूजा मुहूर्त इस बार 6: 11 मिनट से लेकर रात 8:15 मिनट तक शुभ मुहूर्त है माता लक्ष्मी का भोग लगाने के लिए दूध से बनी मिठाई,जैसे बर्फी, मखाने से बनी खीर, नारियल से बनी लड्डू और पान का पता का भोग लगाना चाहिए माता के चरणों में कमल का फूल अर्पित करनी चाहिए। माता के पास दीप जलाने के लिए गाय का घी , तील का तेल इस्तेमालकर्नी चाहिए ।माता को ये सब बहुत प्रिय है।माता लक्ष्मी की पूजा के लिए चौकी बहुत ही जरूरी है जिस जगह पर माता का मूर्ति स्थापित करनी है उस जगह की गाय के गोबर से लीप ले।उसके बाद उस जगह पर गंगा जल का छिड़क कर शुद्ध करे, उस जगह पर चौकी रख कर लक्ष्मी माता के साथ भगवान गणेश का मूर्ति स्थापित करे लाल कपड़े में आभूषण बांध कर रखे। मिट्टी के दिए जलाए एक कलश रखे,और पानी वाला नारियल रखे , इन सभी चीजों का जुगार करने के बाद आसन विछाए और बैठे। माता की पूजा करते समय माथे को रुमाल से धक ले । और माता की आरती करे , आरती करने के बाद मतावकी चरणों में झुक कर प्रणाम करे और आशीर्वाद ले

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